जोड़ों के दर्द का यह भारतीय तरीका
जोड़ों के दर्द का यह भारतीय तरीका वाकई में आश्चर्यजनक है'। जाने–माने जर्मन रूमेटोलॉजिस्ट ने भारतीय मीडिया में एक बिंदास इंटरव्यू दिया कॉल क्रिश्चमायर बर्लिन रूमेटोलॉजी सेंटर ट्यूमर जेंत्रुम ईवा मायर–स्टिहल के हेड, दुनिया में जाने–माने चैरिटे–क्लीनिक पिछले साल कार्ल किर्श्चमायर भारत आए थे जहां उन्हें भारतीय डॉक्टरों के अनुभव समझने का मौका मिला। उन्होंने जो भी यहां देखा उससे वे आश्चर्यचकित रह गए। कार्ल किर्श्चमायर मानते हैं कि हमारे देश में रूमेटोलॉजी साइंस पिछली शताब्दी के स्तर पर ही अटका हुआ है। जर्मनी में कई हाईप्रोफाइल कॉन्फ्रेंस करने के बाद डॉक्टर कार्ल किर्श्चमायर ने भारतीय मीडिया को एक इंटरव्यू देने के लिए सहमति दे दी। जाने–माने डॉक्टर को भारत के इलाज करने के तरीके में क्या खराब लगा और वह यह क्यों कहते हैं कि भारत के जोड़ों के दर्द के मरीज कभी ठीक नहीं होंगे? – जर्मन पत्रकारों के प्रश्नों का जवाब देते समय आपने कहा था कि आप भारत में जो कुछ हो रहा है वह देख कर चौक गए थे। क्या आप इस बारे में और बता सकते हैं? – देखिए सबसे पहले मैं यह बता दूं कि मुझे भारत द...