Posts

Showing posts with the label पिंगला और सुषुम्ना

ईड़ा, पिंगला और सुषुम्ना

Image
🙏🌹🙏योग में नाड़ी वह मार्ग है जिससे होकर शरीर की ऊर्जा प्रवाहित होती है। नाडियाँ शरीर में स्थित नाड़ीचक्रों को जोड़तीं है। योग ग्रंथ 10 नाड़ियों को प्रमुख मानते हैं -परंतु इनमें तीन का उल्लेख बार-बार मिलता है । ईड़ा, पिंगला और सुषुम्ना। ये तीनों मेरुदण्ड से जुड़े हैं। सुषुम्ना नाड़ी से श्वास प्रवाहित होने को ही 'योग' कहा जाता है। सुषुम्ना नाड़ी मूलाधार से आरंभ होकर यह सिर के सर्वोच्च स्थान पर अवस्थित सहस्रार तक आती है। सभी चक्र सुषुम्ना में ही विद्यमान हैं। अधिकतर लोग इड़ा और पिंगला में जीते और मरते हैं और मध्य स्थान सुषुम्ना निष्क्रिय बना रहता है। परन्तु सुषुम्ना मानव शरीर-विज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।  जब ऊर्जा सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश करती है तभी वास्तविक यौगिक जीवन शुरू होता है। सुषुम्ना नाड़ी का मार्ग साम्यावस्था का मार्ग है ;परंतु पूरा संसार इडा पिंगला के मार्ग में चल रहा है। जीवन सत्य की खोज दो मार्गों से हो सकती है। एक पिंगला का मार्ग है ..आक्रमण का और दूसरा इडा का मार्ग है.. समर्पण का। विज्ञान पिंगला का मार्ग है और धर्म इडा का मार्ग है..नमन है। इ...